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को-वर्किंग स्पेस में उभरे कई स्टार्टअप्स

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को-वर्किंग स्पेस एक ऐसा सेगमेंट है जहां बढ़ती डिमांड ने कई स्टार्टअप्स को मौका दिया है। इन स्टार्टअप्स को यहां इतना अच्छा ग्रोथ पोटेंशयल मिल रहा है कि कई बड़े प्लेयर्स की मौजूदगी के बावजूद नए स्टार्टअप्स के लिए अब भी स्पेस है। शेयर्ड इकोनॉमी के इसी ग्रोथ पर दांव लगाया है स्टार्टअप Oplus Cowork- Coworking Space in patna ने जिसने बिना फंडिंग के ही अपना बिजनेस प्रॉफिटेबल कर दिखाया है। उभरते हुए बिजनेसेस के लिए बिल्डिंग या वर्क स्पेस लेना होता है, फिर वर्क कल्चर के हिसाब से ऑफिस डिजाइन करना और आखिर में ऑफिस चराने के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना, इसके लिए अच्छा खासा वक्त और पैसा लग जाता है। लेकिन अगर आप को-वर्किंग स्टार्टअप Oplus Cowork  में है तो इनसब झमेलों से बच सकते हैं। वो भी बेहद कम लागत में। अपने बिजनेस मॉडल के जरिए Oplus Cowork बड़े कॉरपोरेट्स, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज, स्टार्टअप्स और फ्रीलांसर्स के लिए जरूरत के मुताबिक ऑफिस स्पेस सुविधा देता है। साल 2020 में प्रीतेश आनन्द, और अजीत कुमार  ने Oplus Cowork की शुरुआत की। फाउंडर्स की रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी...

निवेश का नया ट्रेंड बनता जा रहा है को-वर्किंग स्पेस और को-लिविंग- कोविड-19 का असर

कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी है जो हाल ही में पता चले एक नए वायरस की वजह से होती है. कोविड-19 की चपेट में आए ज़्यादातर लोगों को हल्के से लेकर मध्यम लक्षण अनुभव होंगे और वे बिना किसी खास इलाज के बीमारी से उबर जाते हैं. महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस, अर्थव्वस्था पर बहुत गहरा असर छोड़ रहा है.  संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में कोरोना की महामारी 2.5 करोड़ लोगों का रोजगार छीन लेगी। यह पहले से जारी वैश्विक आर्थिक संकट में कोढ़ में खाज की तरह साबित होगी। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को 3.6 लाख करोड़ डॉलर का झटका लगेगा। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इससे आर्थिक और श्रम संकट गहराएगा। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने भी एक अध्ययन में कहा है कि वैश्विक स्तर पर एक समन्वित नीति बनती है तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चीन में जनवरी-फरवरी माह में 50 लाख लोगों ने कोरोना के आर्थिक दुष्प्रभाव के चलते नौकरी गंवा दी। मौजूदा समय में निवेशक इस वजह से परेशान हैं कि कहां निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सके. रियल एस्टेट सेक्टर से भी निवेशकों ने ...

को-वर्किंग स्पेस पर प्रभावी असर हो सकता है कोरोना संकट का।

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COVID-19 की वजह से अभी घर से काम करने वाले कई कर्मचारियों ने संकेत दिये हैं कि वे कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति के सामान्य होने के बाद भी घर से ही काम करते रहेंगे. ऐसे में को-वर्किंग स्पेस को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण लोगों के बाहर निकलने में तेज गिरावट हुई है इससे सभी तरह के बिज़नेस प्रभावित हो रहे है, खास करके आफिस स्पेस उपलध करने वाले को-वर्किंग उद्योग (Co-working Industry) का मानना है कि यह असर अस्थायी हो सकता है और कुछ कारकों के अनुकूल होने के कारण इस क्षेत्र में फिर से मांग बढ़ सकती है. हालांकि हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने वाले तथा आधुनिक कार्यस्थलों के लिये उत्प्रेरक के तौर पर देखे जाने वाले इस क्षेत्र के लिये चुनौतियां बनी हुई हैं, क्योंकि बड़े कॉरपोरेट अभी पाबंदियों को लेकर विस्तार को लेकर आशावान नहीं हैं. अभी घर से काम करने वाले कई कर्मचारियों ने संकेत दिये हैं कि वे कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति के सामान्य होने के बाद भी घर से ही काम करते रहेंगे. ऐसे में को-वर्किं...

आपके पास है बिजनेस आइडिया है, तो 2000 रुपए के किराए पर मिल जाएगा AC ऑफिस

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नए उद्यमियों को plus coworking space patna में दे रहा को-वर्किंग स्पेस, वाई-फाई , कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग रूम, बेहतर नेटवर्किंग, बिज़नेस कम्युनिटी व बेहतरीन इंटीरियर के साथ सभी जरूरी सुविधाएं। आपके पास बिजनेस आइडिया है या आप बिज़नेस कर रहे हो, लेकिन जगह की कमी है, आफिस मिलने में दिकत हो रहा हो तो। आप जानते हैं कि आपको क्या करना है, कैसे करना है, आपके पास डेडिकेटेड टीम भी है, लेकिन पटना जैसी जगह में आपकी हिम्मत तब जवाब दे जाती है, जब किराए की जगह के लिए आपसे आकाश छूती कीमतें मांगी जाती हैं। किसी भी बिजनेस के लिए आपका ऑफिस शहर के केंद्र में होना जरूरी है, ताकि उसे कनेक्टिविटी मिले। ऐसी लोगों की परेशानी को देखते हुए अब पटना बिहार की राजधानी में भी को-वर्किंग स्पेस कल्चर शुरू हुआ है।  मुंबई, पुणे, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर पटना में इसे Oplus Cowork - Coworking Space शुरू किया है। Oplus Cowork - Coworking Space में क्या सुबिधाये है। 1. हाई-स्पीड वाई-फाई कनेक्टिविटी,  2. पूर्णत: फर्निश्ड,  3. वातानुकूलित आफिस,  4. फोटोकॉपी, प्रिंटिंग और स्कैनिंग मशीन,  5. एर्गो...

How 3D printing could save lives in the coronavirus outbreak

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In normal times, Formlabs sells 3D printers, not 3D-printed products. But in the coming days, the company will dedicate the 250 printers in its Ohio factory—usually used to manufacture dental product samples to market its machines—to crank out up to 100,000 nasal swabs for Covid-19 tests every day. The company will soon begin shipping the… https://www.technologyreview.com/2020/03/27/950240/3d-printing-coronavirus-covid-19-medical-supplies-devices/

को-वर्किंग स्पेस क्या है , इसके क्या फायदा है

जैसा की हमे पता है, इंडिया (India) में ऑफिस (Office) के लिए जगह कितना महगा होते जरह है | और भारत में आपको पता होगा की पिछले 6 सालो में स्टार्टअप कल्चर (Startup Culture) कितनी तेजी से बाद रहा है| हमारे स्टार्टअप सबसे ज्यदा पैसा ऑफिस लेने के लिए लगाना पड़ता है| ये समय में यह जरुरी है की इंडिया में ज्यदा से ज्यदा सस्ते ऑफिस उपलब्ध कराया जाये| जिससे हमारे स्टार्टअप, छोटे उद्यमी , फ्रीलांसर आसानी से ऑफिस ले सके और और अपना investment (निवेस ) Research and Development, Product development, सर्विसेज और मार्केटिंग (Marketing) पर लगा सके | तब जा कर भारत में कोवोर्किंग स्पेस का चलन आया| जहा शहरों में कोवोर्किंग में यंगस्टर्स को मिल रहा है ‘ऑफिस स्पेस’ (Office Space), प्रति घंटे के हिसाब से भी कर सकते हैं बुकिंग कोवोर्किंग (Coworking) जहा स्टार्टअप (Startup) को सस्ते में आपना ऑफिस मिल रहा है और साथ में बड़े Offices का सुबिधाये भी मिल रहा है , एक कोवोर्किंग में (Coworking Space Features:) - कांफ्रेंस रूम मीटिंग रूम  चाइल्डकेयर हाई स्पीड इंटरनेट  को-लिविंग अकॉमोडेशन लाइब्रे...